DEMS
इलेक्ट्रो-होमियोपैथी औषधि प्रणाली।
सामुदायिक चिकित्सा एवं आवश्यक औषधि (CMS व ED)
ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी भारत के लिए प्राइमरी हेल्थ वर्कर तैयार करने वाला 18 माह का संस्थागत डिप्लोमा।
ध्यान दें: CMS & ED ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी समुदायों हेतु प्राइमरी हेल्थ वर्कर तैयार करने वाला विशेषीकृत डिप्लोमा कार्यक्रम है — किसी भी विश्वविद्यालय-स्तरीय वैधानिक चिकित्सा उपाधि का समकक्ष अथवा विकल्प नहीं। सार्वजनिक संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के 14/02/2003 के निर्णय का उल्लेख केवल शिक्षण-दृष्टि से प्रासंगिक है; यह जन आयुष संस्थान अथवा इस पाठ्यक्रम को नाम से अनुमोदित नहीं करता। स्नातक, प्राइमरी हेल्थ वर्कर की भूमिका में रहते हुए, कानूनी दायरे के भीतर प्राथमिक चिकित्सा, पाठ्यक्रम-निर्दिष्ट आवश्यक औषधियाँ एवं आपात स्थिति में उच्च चिकित्सा केंद्र हेतु समय पर रेफरल कर सकते हैं। विशेषज्ञ शल्य-चिकित्सा अथवा जटिल प्रसूति-कार्य इस कार्यक्षेत्र में सम्मिलित नहीं हैं।
आधिकारिक स्रोत: प्रवेश, सूचनाएँ, जन आयुष ब्रोशर एवं अपने बैच का प्रॉस्पेक्टस — इसी साइट पर। किसी तीसरे पक्ष की साइट पर भिन्न जानकारी होने पर जन आयुष के प्रकाशित दस्तावेज़ ही मान्य रहेंगे।
विश्वास स्पष्ट भाषा एवं जिम्मेदारी से अर्जित होता है, असत्य दावों से नहीं। नीचे वही दृष्टिकोण प्रस्तुत है जिसके माध्यम से जन आयुष CMS व ED का संचालन करता है — गंभीर, कानूनसम्मत एवं सम्मानजनक।
हम CMS व ED को पंजीकृत चिकित्सक बनने का विकल्प नहीं बताते — ऐसा कोई भी दावा परिवारों के लिए भ्रामक होगा एवं आपकी प्रतिष्ठा को हानि पहुँचाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के संदर्भों पर सार्वजनिक चर्चा होती है (जैसे Subhasis Bakshi & Ors. v. West Bengal Medical Council & Ors.)। न्यायालय का निर्णय उस विशिष्ट केस के तथ्यों पर आधारित होता है; यह जन आयुष अथवा CMS व ED को नाम से अनुमोदन नहीं देता।
हम आपको मौजूदा कानून एवं नियमों के भीतर — राज्य के स्वास्थ्य नियम, औषधि-अधिनियम एवं प्रशिक्षण की सीमा — ईमानदारी एवं उचित दस्तावेज़ीकरण के साथ कार्य करना सिखाते हैं। परिवारों का दीर्घकालिक विश्वास इसी पारदर्शिता से अर्जित होता है।
विश्वसनीयता ऐसी व्यवस्था से प्रदर्शित होती है जिसकी पुष्टि की जा सके:
शुल्क, फॉर्म एवं प्रमाणपत्र हेतु केवल जन आयुष के आधिकारिक चैनलों का उपयोग करें। विस्तृत जानकारी हेतु: मान्यता एवं संयोजक संस्थान।
42 औषधियों का अध्ययन-सेट (WHO एवं NLEM दृष्टिकोण पर आधारित) कक्षागत प्रशिक्षण हेतु निर्धारित है — सुरक्षित उपयोग, भंडारण एवं रेफरल पर बल। ग्रामीण क्षेत्रों में महामारी, मौसमी रोग एवं आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय एक गंभीर उत्तरदायित्व है।
पूरी सूची: 42 औषधियों की तालिका · पृष्ठभूमि: WHO आवश्यक औषधियाँ एवं CMS व ED।
CMS व ED का अर्थ है — सामुदायिक चिकित्सा सेवा एवं आवश्यक औषधियाँ। जहाँ स्वास्थ्य सुविधाएँ सीमित हैं, वहाँ प्रथम परामर्श पर आप सीखते हैं: ध्यानपूर्वक सुनना, लक्षणों की पहचान, मूल जाँच एवं स्वच्छता-संबंधी मार्गदर्शन।
आवश्यक औषधियों का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से सिखाया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा है — कब हस्तक्षेप न करें, तथा कब रोगी को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र हेतु रेफर किया जाना चाहिए।
WHO सूची एवं NLEM संदर्भ हेतु आवश्यक औषधियाँ एवं CMS व ED पृष्ठ देखें। पाठ्यक्रम की तीन-खंडीय तालिका, सुप्रीम कोर्ट संदर्भ एवं करियर-संबंधी विवरण पाठ्यक्रम केंद्र तथा 42 औषधियों के पृष्ठ पर उपलब्ध हैं।
बारहवीं उत्तीर्ण — PCB (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान)
18 महीने (12 महीने कक्षा + 6 महीने इंटर्नशिप)
अपनी रफ़्तार से पढ़ाई; लखनऊ कार्यालय से मार्गदर्शन
डिप्लोमा — जन आयुष संस्थान
जन आयुष संस्थान का CMS व ED डिप्लोमा कुल 18 माह का है — 12 माह कक्षागत अध्ययन एवं 6 माह इंटर्नशिप। डिप्लोमा पूर्ण करने के पश्चात आप प्राइमरी हेल्थ वर्कर अथवा फर्स्ट-एड प्रोवाइडर की भूमिका में कार्य कर सकते हैं। यह MBBS अथवा BAMS के समकक्ष नहीं है; सर्जरी एवं जटिल प्रसव इस प्रशिक्षण की सीमा के बाहर हैं।
स्पष्टीकरण: पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर रोजगार अथवा क्लिनिक की कोई गारंटी नहीं है। वास्तविक अवसर आपके राज्य के कानून, पंजीकरण एवं नियोक्ता पर निर्भर करते हैं। प्रवेश · 42 औषधियों की सूची
परिचयात्मक जानकारी cmsed.in पर भी उपलब्ध है। पात्रता, शुल्क, प्रमाणपत्र एवं आवेदन हेतु आधिकारिक स्रोत इसी साइट पर हैं: प्रवेश, सूचनाएँ, संस्थान का ब्रोशर एवं अपने बैच का प्रॉस्पेक्टस।
CMS व ED 18 माह का डिप्लोमा है — 12 माह कक्षागत अध्ययन एवं 6 माह क्षेत्रीय कार्य। गृह-आधारित अध्ययन के साथ लखनऊ मुख्यालय से नियमित संपर्क, टेलीफोन पर मार्गदर्शन तथा बैच-आधारित कार्यशालाएँ — जिससे ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थी संकाय से सतत जुड़े रहें।
पाठ्यक्रम तीन चरणों में संरचित है (साप्ताहिक विवरण आपके प्रॉस्पेक्टस में उपलब्ध है):
परीक्षा एवं समापन: आंतरिक मूल्यांकन, व्यावहारिक प्रदर्शन, उपस्थिति एवं बैच के नियमों के अनुसार। डिप्लोमा — जन आयुष संस्थान — तभी प्रदान किया जाता है जब प्रॉस्पेक्टस एवं नामांकन की समस्त शर्तें पूर्ण हों।
विस्तृत तालिकाएँ, सुप्रीम कोर्ट का संदर्भ एवं अतिरिक्त सामग्री 42 औषधियों के पृष्ठ तथा पाठ्यक्रम केंद्र पर उपलब्ध है।
इस पाठ्यक्रम में आपको एनाटॉमी, रोग पहचान एवं स्वच्छता-विज्ञान का प्रशिक्षण दिया जाता है। सबसे प्रमुख बात — इसमें आपको WHO द्वारा निर्दिष्ट ‘42 आवश्यक औषधियों’ (42 Essential Medicines) का सम्पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त होता है — जन आयुष संस्थान के पाठ्यक्रम एवं कानूनी दायरे के भीतर।
नोट: कोर्स में आपको यह भी सिखाया जाएगा कि एंटीबायोटिक दवाओं (जैसे स्ट्रेप्टोमाइसिन) का इस्तेमाल कम से कम और बहुत सावधानी से कैसे करना है, ताकि मरीजों को कोई नुकसान न हो।
42 औषधियों की पूरी सूची · CMS ED course details in Hindi — पूरी तालिका
सर्वप्रथम विज्ञान की नींव, तत्पश्चात लक्षणों पर विश्लेषणात्मक दृष्टि, और अंत में समुदाय एवं संस्था के साथ व्यावहारिक क्षेत्रीय कार्य। प्रत्येक चरण में विधिक मर्यादा एवं नैतिकता का स्मरण कराया जाता है, ताकि स्पष्ट रहे कि सामुदायिक स्वास्थ्य में आपकी भूमिका मौजूदा नियमों के भीतर कहाँ तक विस्तृत है।
पूरी तालिकाएँ, सुप्रीम कोर्ट का संदर्भ एवं 42 औषधियों की सूची अलग पृष्ठ पर उपलब्ध है। पाठ्यक्रम केंद्र · English: CMSed
WHO एवं NLEM से संबंध: CMS व ED में 42 औषधियों का सीमित अध्ययन-सेट है — पूर्ण WHO EML नहीं। विस्तार: WHO आवश्यक औषधियाँ एवं CMS व ED।
ब्रोशर (PDF): जन आयुष का ब्रोशर WHO की अनुमति अथवा सरकारी वैलिडेशन का प्रमाण नहीं है — संस्थान की अध्ययन सामग्री है।
पूरी क्रम-संख्या वाली तालिका — दवा का नाम, रूप, एवं ग्रामीण प्रथम संपर्क मार्गदर्शन — 42 औषधियाँ पृष्ठ पर है। यह कक्षागत अध्ययन हेतु है; वास्तविक उपयोग मौजूदा कानून, NLEM, एवं संकाय के निर्देशों से निर्धारित होता है।
ध्यान दें: अंतिम कॉलम ग्रामीण समुदाय में प्रथम परामर्श की दिशा दर्शाता है — ये चिकित्सक के प्रिस्क्रिप्शन नहीं हैं। गंभीर केस सदस्य उच्च चिकित्सा केंद्र हेतु रेफर करें।
पूरी 42-औषधि तालिका खोलें · English table
पाठ्यक्रम केंद्र — CMS व ED · WHO / NLEM: संदर्भ पृष्ठ
जन आयुष संस्थान, INDIA — 2007 से सक्रिय, मुख्यालय इंदिरा नगर, लखनऊ। संस्था मुख्य कार्यालय एवं प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को निरंतर सहयोग प्रदान करती है। परिचय पृष्ठ पर उल्लेखित अनुसार, संस्था भारत सरकार के आवश्यक पंजीकरणों (जैसे IT Act एवं IR Act) के अंतर्गत प्रशिक्षण संचालित करती है।
CMS व ED प्रमाणपत्र: उत्तीर्ण होने पर डिप्लोमा — जन आयुष संस्थान प्रदान किया जाता है। यह विश्वविद्यालय की डिग्री नहीं है, न ही MBBS, BAMS, नर्सिंग अथवा फार्मेसी लाइसेंस का विकल्प। रोजगार, क्लिनिक अथवा सरकारी योजनाओं में इसका उपयोग केंद्र एवं राज्य के मौजूदा कानूनों तथा नियोक्ता की शर्तों पर निर्भर है — स्थानीय पुष्टि स्वयं करें।
CMS व ED की पूर्ण ज़िम्मेदारी जन आयुष की: सामुदायिक चिकित्सा सेवा एवं आवश्यक औषधि पाठ्यक्रम का पाठ्यक्रम, अध्यापन, परीक्षा एवं डिप्लोमा संस्थान द्वारा निर्धारित एवं जारी किया जाता है। प्रवेश की पुष्टि, शुल्क एवं नियम प्रवेश पृष्ठ एवं प्रॉस्पेक्टस के अनुसार हैं।
MPYPCP की भूमिका — केंद्र तक पहुँच, पाठ्यक्रम का स्वामी नहीं: समझौते के अंतर्गत महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के सूचीबद्ध अध्ययन केंद्र (750+ केंद्र, प्रत्येक की सीट एवं नियम पृथक) आवेदन, कक्षा एवं स्थानीय सहायता में योगदान देते हैं। MPYPCP पहुँच एवं केंद्र-नेटवर्क का सहभागी है — CMS व ED का प्रमाणपत्र-प्रदाता नहीं। पाठ्यक्रम एवं प्रमाणपत्र की अंतिम ज़िम्मेदारी जन आयुष संस्थान की है।
स्वतंत्र MPYPCP डिप्लोमा: नैचुरोपथी एवं योग संबंधी पाठ्यक्रम परिषद के अपने कैटलॉग के अंतर्गत संचालित होते हैं (पृथक प्रमाणपत्र एवं नियम)। विस्तृत जानकारी हेतु समझौता एवं साझा पाठ्यक्रम तथा mpypcp.com देखें।
स्पष्टीकरण: हम यह दावा नहीं करते कि किसी न्यायालय का निर्णय जन आयुष अथवा CMS व ED को नाम से अनुमोदित करता है। विस्तृत विधिक संदर्भ नीचे तथा पूर्ण पृष्ठ पर उपलब्ध है।
सामुदायिक चिकित्सा के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का उल्लेख होता है (जैसे Subhasis Bakshi & Ors. v. West Bengal Medical Council & Ors., 14 फरवरी 2003)। न्यायालय का निर्णय उस विशिष्ट केस के तथ्यों पर आधारित होता है; यह जन आयुष अथवा CMS व ED को नाम से अनुमोदित नहीं करता, एवं व्यक्तिगत विधिक सुरक्षा कवच का कार्य भी नहीं करता।
हम आपको वर्तमान विधिक ढाँचे — प्रशिक्षण की सीमा, राज्य के नियम एवं औषधि-अधिनियम — के भीतर ईमानदारी एवं उचित रेफरल के साथ तैयार करते हैं। किसी भी सेवा अथवा विज्ञापन से पूर्व राज्य-स्तरीय अनुमति की पुष्टि स्वयं अवश्य करें। पाठ्यक्रम केंद्र — विधिक खंड · English: CMSed
शुल्क, अंतिम तिथि, दस्तावेज़ प्रारूप एवं सीट संबंधी नियम केवल आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस, सूचनाएँ एवं कार्यालय द्वारा जारी लिखित निर्देशों के अनुसार हैं। नीचे प्रवेश पृष्ठ की सामान्य ऑनलाइन प्रक्रिया दी गई है:
दस्तावेज़ अथवा भुगतान संबंधी प्रश्न हेतु संपर्क करें अथवा +91-8429700433 पर कॉल करें।
जन आयुष संस्थान नैचुरोपथी एवं योग से संबंधित डिप्लोमा कार्यक्रमों का समन्वय MPYPCP (2007 से कार्यरत, 17+ वर्षों की विरासत) के साथ करता है। CMS व ED पूर्णतः जन आयुष का पाठ्यक्रम है — MPYPCP केंद्र केवल पहुँच में सहयोग करते हैं; प्रमाणपत्र जन आयुष द्वारा ही जारी किया जाता है। विस्तृत जानकारी: समझौता (हिंदी), MoU, mpypcp.com।
जन आयुष संस्थान के अन्य चार डिप्लोमा — पात्रता एवं अवधि भिन्न हो सकती है। विस्तृत विवरण कार्ड में दिए गए हैं; प्रवेश एक ही पृष्ठ से संभव है। तुलनात्मक जानकारी हेतु हमारे कोर्सेज देखें।
इलेक्ट्रो-होमियोपैथी औषधि प्रणाली।
प्राकृतिक उपचार और जीवनशैली।
योग, आसन और निवारक कल्याण।
योग-आधारित गति चिकित्सा (शैक्षिक)।
आप किसी भी राज्य में कार्य का लक्ष्य रख सकते हैं; सामान्यतः हमारे प्रशिक्षित कार्यकर्ता ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सेवा करते हैं। प्रत्येक राज्य सामुदायिक भूमिकाओं के नियम भिन्न रूप से निर्धारित करता है। हम सिखाते हैं — सूचनाएँ पढ़ें, सीमा का पालन करें, तब आगे बढ़ें।
सुभाषिस बक्शी बनाम पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल (14 फरवरी 2003) का संदर्भ कभी-कभी दिया जाता है। वह निर्णय उसी केस के तथ्यों पर आधारित था। इसे केवल शैक्षणिक सामग्री के रूप में लें; वर्तमान नियमों की पुष्टि ज़िला अथवा सरकारी परिपत्र से करें।
हाँ — इसी दिशा में हम प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। अनेक प्रशिक्षित कार्यकर्ता लघु सामुदायिक केंद्र अथवा प्राथमिक चिकित्सा बिंदु स्वतंत्र अथवा सामूहिक रूप से संचालित करते हैं। इस कार्य में प्रारंभिक मूल्यांकन, स्वच्छता-निर्देश, मूल जाँच तथा 42 आवश्यक औषधियों (WHO एवं NLEM दृष्टिकोण पर) का विवेकपूर्ण उपयोग सम्मिलित है।
कब उपचार, कब रेफरल, अभिलेख कैसे रखें — यह WHO आधारित दृष्टिकोण से सिखाया जाता है। पूरी सूची संकाय के मार्गदर्शन में पूर्ण करें। प्रत्येक निर्णय कानूनी दायरे, NLEM एवं रोगी-सुरक्षा के अनुरूप होना चाहिए।
न्यायालयीन निर्णय प्रेरणा का स्रोत हो सकते हैं; दैनिक कार्य भारतीय औषधि-अधिनियम एवं राज्य के नियमों से ही संचालित होता है।
प्रत्येक स्थिति में अतिरिक्त औपचारिक कागज़ी कार्यवाही आवश्यक नहीं होती। अनेक कार्यकर्ता नियोक्ता, NGO, शिविर अथवा अध्ययन केंद्र के माध्यम से कार्य आरंभ करते हैं — जहाँ आवश्यक अनुमतियाँ पहले से उपलब्ध होती हैं।
यदि आप स्वयं का क्लिनिक एवं औषधि-भंडार संचालित करना चाहते हैं, तो ज़िला-स्तर पर अतिरिक्त पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है; यह असामान्य नहीं है। प्रवेश परामर्श में अपनी योजना लिखकर पूछें; कार्यालय सामान्य प्रक्रिया का मार्गदर्शन कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के संदर्भ प्रेरणा देते हैं; वास्तविक नियम वर्तमान परिपत्रों एवं विधिक दस्तावेज़ों से निर्धारित होते हैं।
न्यायालय कोई सामान्य अनुमति नहीं देता — वह विशिष्ट विवादों पर निर्णय सुनाता है।
तथापि सुभाषिस बक्शी… जैसे प्रकरण यह स्मरण कराते हैं कि प्रशिक्षित सामुदायिक कार्यकर्ता समाज की आवश्यकता हैं। कक्षा में हम इसे प्रेरणा-स्रोत के रूप में पढ़ाते हैं; यह MBBS का स्थान नहीं ले सकता।
विधिक संदर्भ खंड एवं पूर्ण नोट्स देखें तथा वर्तमान कानून से तुलना करें। गर्व एवं अनुशासन — दोनों के साथ कार्य करें।
आधिकारिक प्रवेश-प्रक्रिया का अनुसरण करें एवं अपने संदर्भ हेतु ब्रोशर डाउनलोड कर सुरक्षित रखें।
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